Monday, December 14, 2020

"सच्चाई की शक्ति"



 एक बढ़ई किसी लोहार ने एक अच्छा- सा हथोड़ा बनाकर उसे दे दिया। वह हथौड़ा इतना अधिक पसंद किया गया। कि और कुछ लोगों ने तथा एक ठेकेदार ने भी उसे बहुत से हथौड़े बनाने का ऑर्डर दिया। और बोला- 

   'यह हथौड़े पहले वाले हथौड़े से अच्छे बनाना।' यह सुनकर लुहार बोला- 'मैं जब कोई वस्तु बनाता हूं तो उसमें कोई कमी नहीं छोड़ता। अतःपहले वाले हथौड़े से अच्छा नहीं बना पाऊंगा।'


     शीघ्र ही उसका नाम चारों ओर फैल गया और लोग उससे हथौड़े बनवाने आने लगे। वह चाहता तो वह शीघ्र ही धनी हो सकता था, परंतु वह सदा यही प्रयत्न करता रहता कि जो चीज बनाई हुई है, उसमें और अधिक सुधार किया जाए। उसके नाम की चीजें बिना अनाकानो के बिकने लगी।

    सच्चाई स्वयं में एक शक्ति है, और वह जगत में मनुष्य का सर्वोत्तम विज्ञापन है।

Sunday, December 13, 2020

"अगर आप सोचते हैं"

   

अगर आप सोचते हैं कि आप हार गए हैं

             तो आप हारे हैं

अगर आप सोचते हैं कि आप में हौसला नहीं है

             तो सचमुच नहीं है

अगर आप जीतना चाहते हैं 

मगर सोचते हैं कि जीत नहीं सकते
तो निश्चित है कि आप नहीं जीतेंगे 

  अगर आप सोचते हैं कि हार जाएँगे

              तो आप हार चुके हैं

        क्योंकि  हम दुनिया में देखते हैं कि

 सफलता की शुरुआत इंसान की इच्छा से होती है

      ये सब कुछ हमारी सोच पर निर्भर करता है 

    अगर आप सोचते हैं कि पिछड़ गए हैं 

              तो आप पिछड़ गए हैं

 तरक्की करने के लिए आपको अपनी सोच ऊँची करनी होगी                                कोई भी सफलता प्राप्त करने से पहले 

    आपको अपने प्रति विश्वास लाना होगा। 

               जीवन की लड़ाईयाँ  हमेशा

 सिर्फ तेज और मजबूत लोग ही नहीं जीतते बल्कि 

           आज नहीं तो कल जीतता वही आदमी है 

                  जिसे यकीन है कि वह जीतेगा।



मैं ही गरीब क्‍यों? भगवान गौतम बुद्ध की प्रेरक कहानी

क्यों पढ़े - आजकल के दौर में अधिकतर लोग अपने जीवन से असंतुष्ट हैं। उन्हें लगता है कि मैं ही गरीब क्यों। मैं ही दूसरों से कमजोर क्यों हूँ? उन...