एक बढ़ई किसी लोहार ने एक अच्छा- सा हथोड़ा बनाकर उसे दे दिया। वह हथौड़ा इतना अधिक पसंद किया गया। कि और कुछ लोगों ने तथा एक ठेकेदार ने भी उसे बहुत से हथौड़े बनाने का ऑर्डर दिया। और बोला-
'यह हथौड़े पहले वाले हथौड़े से अच्छे बनाना।' यह सुनकर लुहार बोला- 'मैं जब कोई वस्तु बनाता हूं तो उसमें कोई कमी नहीं छोड़ता। अतःपहले वाले हथौड़े से अच्छा नहीं बना पाऊंगा।'
शीघ्र ही उसका नाम चारों ओर फैल गया और लोग उससे हथौड़े बनवाने आने लगे। वह चाहता तो वह शीघ्र ही धनी हो सकता था, परंतु वह सदा यही प्रयत्न करता रहता कि जो चीज बनाई हुई है, उसमें और अधिक सुधार किया जाए। उसके नाम की चीजें बिना अनाकानो के बिकने लगी।
सच्चाई स्वयं में एक शक्ति है, और वह जगत में मनुष्य का सर्वोत्तम विज्ञापन है।



