वैज्ञानिक थॉमस अल्वा एडीसन अपने कार्य में इतने तल्लीन रहा करते थे की प्रयोगशाला से बाहर निकलने को भी फुर्सत नहीं होती थी | इस आदत से उनकी पत्नी बहुत परेशान रहती थी | एक दिन एडिसन प्रयोगशाला में कोई प्रयोग कर रहे थे | उनकी पत्नी ने उन्हें बार-बार पुकारा |
लेकिन वह इतने तल्लीन थे की उन्होंने आवाज़ नहीं सुनी | कार्य समाप्त होने पर जब वह बाहर आए तो उनकी पत्नी बोली, ‘ आप नित्य रात-दिन काम में लगे रहते हैं | कभी मन बहलाव के लिए अन्य कार्य भी कर लिया करें |
’ एडिसन बोले, ‘ अच्छा तो बताओ, अवकाश करने मुझे कहाँ जाना चाहिए ?’ उनकी पत्नी बोली, ‘कहीं भी जा सकते हो, जहाँ आपका मन चाहे | ‘ठीक है, में वहीँ चला जाता हूँ |’ इतना कहकर वह फिर से प्रयोगशाला में चले गए | इसे कहते है सफलता प्राप्त करने का जूनून | आप अगर सफल होना चाहते हैं तो ठीक इसी तरह अपने लक्ष्य में डूब जाये | यही सफलता की Secret हैं
सकारात्मक एडिसन – लगातार जोरों की मेहनत करने के बाद भी एडिसन को स्टोरेज बैटरी बनाने में 25 बार असफलता मिली | लेकिन वे हिम्मत नहीं हारे और उन्होंने 26 वि बार नए तरीके से अविष्कार करने का सोचा और वह सफल हुए | स्टोरेज बैटरी को बनाने में सफलता हासिल करने के बाद किसी ने उनसे पूछा की आपको यह सफलता हासिल करने में 25 असफलताओ का सामना करना पढ़ा, इसमें आपका मूल्यवान समय व्यर्थ ही चला गया,
इन 25 बारों के असफल प्रयोगो के बारें में आप क्या कहना चाहेंगे | तब एडिसन ने उत्तर दिया – आपका नजरिया बिलकुल ही गलत है, मैने इन 25 असफल प्रयोगों में कुछ भी व्यर्थ नहीं गंवाया | जबकि मुझे तो 25 ऐसे तरीके मालुम हुए, जिन्हें उपयोग करने से स्टोरेज बैटरी का बनना नामुंकि होता है |





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